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पेंशन प्लान क्या हैं?


पेंशन प्लान अर्थात रिटायरमेंट प्लान, एक तरह का बचत प्लान हैं, जिसकी की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने रिटायरमेंट जीवन को सुरक्षित कर सकता है | रिटायरमेंट प्लान के तहत, कोई भी व्यक्ति हर महीने तय की गई रक़म निवेश कर सकता हैं |

रिटायरमेंट प्लान के लाभ


  • युवा अवस्था की ज़िम्मेदारियाँ : युवा अवस्था में नौकरी पेशा व्यक्ति, उन दिनों की जिम्मेदारियों जैसे कि घर का किराया, बच्चों की पढाई का खर्चा आदि को निभाते निभाते अपने बुढ़ापे की आर्थिक ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ कर देता हैं और फिर एक ऐसा समय आता हैं जब उसे पैसो की ज़रूरतों को पूरा करने के अपने बच्चों या फिर रिश्तेदारों पर निर्भर होना पड़ता हैं | इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता हैं कि आप युवा अवस्था से ही अपनी रिटायरमेंट को बेहतर बनाने का प्रयास करे और यह आप एक सही रिटायरमेंट पॉलिसी ले के कर सकते है |
     
  • कम्पाउंडिंग की शक्ति का लाभ : किसी भी निवेश का सबसे प्रभावशाली परिणाम तभी मिलता है, जब उसके बढ़ने में कम्पाउंडिंग का योगदान हो | कम्पाउंडिंग की मदद से निवेश कई गुना बढ़ जाता हैं | यह देखा गया है की कम्पाउंडिंग का लाभ अक्सर लॉग टर्म में ही मिलता हैं | इसलिए यदि हर महीने कोई व्यक्ति छोटा राशि निवेश करे तो उसे लॉग टर्म में काफी अच्छा रिटर्न्स मिल सकता है और वह अपना रिटायरमेंट को सुखद बना सकता हैं |
     
  • टैक्स में छूट : भारत में जितने भी पेंशन प्लान, आई आर डी ए के नियम के अंतर्गत आते हैं , उनमे निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के तहत छूट मिलता हैं | अलग अलग प्रकार के पेंशन प्लान विभिन्न प्रकार के टैक्स छूट लाभ प्रदान करते हैं |
     

पेंशन प्लान के प्रकार


आस्थगित वार्षिकी (डिफर्ड एन्यूटी) एक प्रकार का लंबी निवेश अवधि का प्लान है, जिसमे व्यक्ति पॉलिसी अवधि के समाप्ती के बाद, संचित इंटरेस्ट या अक्क्रुएड इंटरेस्ट के आधार पर लाभ पाता हैं | डिफर्ड एन्यूटी प्लान में दो चरण होते हैं, अक्सुमुलेशन फेज और इनकम फेज | जब अक्सुमुलेशन फेज समाप्त हो जाता हैं तब व्यक्ति ⅓ राशि निकाल सकता हैं और बाकी ⅔ राशि से एन्यूटी प्लान को चलने दे सकता हैं | डिफर्ड एन्यूटी 80सीसीसी सेक्शन के तहत एन्यूटी में निवेश छूट पाता हैं पर पेंशन पे टैक्स लगता हैं |

आस्थगित वार्षिकी (डिफर्ड एन्यूटी) के प्रकार
  1. परंपरागत रिटायरमेंट प्लान : मूल रूप से जितना भी प्रीमियम जमा होता हैं, उसे इन्शुरन्स कंपनी डेट फंड में लगाती हैं | यह प्लान वैसे निवेशक के लिए ठीक हैं, जो निवेश जोख़िम से बचना चाहते हैं |
  2. यूनिट लिंक्ड इन्शुरन्स प्लान या यूलिप : यूलिप के जरिये कोई भी लाइफ इन्शुरन्स लाभ और निवेश लाभ ले सकता हैं | इस प्लान के जरिए कोई भी व्यक्ति स्टॉक मार्किट निवेश का लाभ उठा सकता हैं | यूलिप के जरिए इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलता हैं इसके अलावा जो भी निवेश लाभ अर्जित हुआ हैं वह भी सेक्शन 10(10 डी) के तहत 100% टैक्स लाभ का हक़दार होता हैं |
    • कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (EPF)
      कर्मचारी प्रोविडेंट फंड का लाभ नौकरीपेशा लोग ही उठा सकते हैं | इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों मिलकर एक निश्चित पैसा जमा करती है, कर्मचारी के EPF अकाउंट में|
    • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
      PPF, एक पॉपुलर लम्बे समय अवधि का निवेश का जरिया हैं, जिसमे काफी अच्छे रिटर्न मिलता हैं | इसमें कोई भी किसी भी फ़ाइनेंशियल ईयर में 500 रुपये से लेके 150,000 रुपये तक लगा सकता हैं
    • नेशनल पेंशन स्कीम (NPS)
      • NPS में कोई भी निवेश कर सकता हैं | निवेशक के पास दो ऑप्शन होता हैं एक्टिव चॉइस और ऑटो चॉइस
      • एक्टिव चॉइस में 50% निवेश राशि स्टॉक मार्किट में लगाया जाता हैं और बाकी राशि गवर्नमेंट बॉन्ड अर्थात सरकारी बांड और कंपनी बांड में लगाया जाता हैं
      • ऑटो चॉइस में उम्र के अनुसार निवेश का प्रतिशत बदलता रहता हैं

कैसे एक अच्छा रिटायरमेंट प्लान चुने ?


  • ज़ल्दी शुरू करे
    रिटायरमेंट प्लान का ज्यादा लाभ कोई भी तभी उठा सकता है, जब उसे वह जल्दी शुरू करे. जल्दी शुरू करने का फायदा यह होगा की प्रीमियम का अमाउंट कम होता हैं|
  • रिटायरमेंट प्लान में विविधता
    फ़ाइनेंशियल सुरक्षा का नियम यह कहता हैं की निवेश विभिन्न एसेट में किया जाये जैसे की इक्विटी फंड, डेट फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट्स आदि |
  • पेंशन पाने की उम्र
    पेंशन पाने की उम्र को सुनिश्चित कर ले, कोई व्यक्ति 45 की उम्र में रिटायर होना चाहता है तो कोई 70 वर्ष तक काम करना चाहता है इसलिए प्लान लेने से पहले यह देख लिए रिटायरमेंट प्लान आपकी जरुरत के अनुसार आपको को लाभ दे |
  • पेंशन की रकम
    यह जरूर देख ले की कोई भी प्लान आपके जरूरतो के अनुसार आपको पेंशन प्रदान करे

यूलिप कैसे एक बेहतर पेंशन प्लान का विकल्प साबित हो सकता हैं

फ्लेक्सिबिलिटी

यूलिप, आपको यह आज़ादी देता है की आपका प्रीमियम अमाउंट कितना होगा, किस किस टाइप के फंड में निवेश कर सकते हैं | जरूरत पड़े तो आप अपना यूलिप निवेश को बढ़ा भी सकते हैं




लिक्विडिटी

आपका निवेश जितने का भी हो, निवेश के 5 साल के लॉक-इन पीरियड के बाद आप अपना निवेश को घटा सकते हैं




टैक्स बेनिफिट

आपका निवेश जितने का भी हो, निवेश के 5 साल के लॉक-इन पीरियड के बाद आप अपना निवेश को घटा सकते हैं




अनुशासित निवेश

यूलिप निवेशक को अनुशासित निवेश के माध्यम से लम्बी अवधि के लिए निवेश का मौका देता हैं




सम्पत्ति वृद्धि

कम्पाउंडिंग के मदद से यूलिप किसी भी निवेशक को सम्पति वृद्धि का मौका देता हैं

अन्य इंश्योरेंस पॉलिसियां



रिटायरमेंट प्लान और टैक्स बचत


रिटायरमेंट प्लान न सिर्फ धन संचय का मौका देता बल्कि इसकी मदद से सेक्शन 80 सीसीसी के तहत टैक्स बेनिफिट भी पा सकते है |

चलिए देखते है विभिन्न प्लान्स के लाभ
  • इमीडियेट एन्युटी :
    - इसमें प्रीमियम अमाउंट पे छूट मिलते है लेकिन पॉलिसी अवधि के अंत में अर्जित धन पे टैक्स देना पड़ता है | चूकि व्यक्ति को पेंशन का उपयोग रिटायरमेंट के बाद करेगा इसलिए आय पे कम टैक्स लगता हैं
  • डैफर्ड एन्युटी :
    इसमें दो फेज होता हैं
    ● अक्सुमुलेशन फेज
    ● इनकम फेज
    ● डैफर्ड एन्युटी प्लान में, व्यक्ति की इनकम वृद्धि जो पालिसी अवधि के दौरान होती हैं, वह टैक्स के दायरे में नहीं आती
  • यूलिप : यूलिप में प्रीमियम अमाउंट सेक्शन 80सी के अंतर्गत टैक्स फ्री होता हैं , वही निवेश लाभ 10(10डी) के तहत टैक्स के दायरे से बहार होता हैं
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल



  • रिटायरमेंट प्लान का प्रीमियम कितना होता हैं?

    रिटायरमेंट प्लान कई तरह के होते हैं, अतः हर प्लान का प्रीमियम अलग अलग होता हैं, प्रीमियम खरीदने के लिए रिटायरमेंट कैलकुलेटर का प्रयोग करे |

  • पेंशन प्लान में अतिरिक्त राइडर ऑप्शन ?
  • रिटायरमेंट प्लान लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ ?